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सायबर ठगी के शिकार हुए विजय नगर क्षैत्र के प्रतिस्ठित हास्पिटल के डाक्टर दंपति को वापस दिलाए गए 200000 रुपये

राज्य सायबर पुलिस इंदौर की त्वरित कार्यवाही से सायबर ठगी के शिकार हुए विजय नगर क्षैत्र के प्रतिस्ठित हास्पिटल के डाक्टर दंपति को...



राज्य सायबर पुलिस इंदौर की त्वरित कार्यवाही से सायबर ठगी के शिकार हुए विजय नगर क्षैत्र के प्रतिस्ठित हास्पिटल के डाक्टर दंपति को वापस दिलाए गए 200000 रुपये!

o बिजली बिल के कनेक्शन कटने का मैसेज प्राप्त हुआ था। 
o मैसेज मे दिये गये नम्बर पर संपर्क करने पर आरोपी द्वारा एक लिंक के माध्यम से रिमोंट शेयरिंग एप्लीकेशन क्वीकसर्पोट डाउनलोड कराया गया।
o एप्पलीकेशन डाउनलोड कराकर 10 रू. बिजली बिल के नाम पर पेमेट कराया गया। 
o 10 रू. का पेमेंट करते ही दो अलग अलग बैक खातों से लगभग 2 लाख रू. का हुआ धोखाधडीपुर्वक टाजेक्शन।
o फाडस्टर द्वारा फ्राड की संपुर्ण राशि आनलाइन प्लेटफार्म फ्लीपकार्ट एवं रोजर पे के माध्यम से आगे ट्रांसफर की।
o दोनो आनलाइन प्लेटफार्म से तुरंत सम्पर्क करके फ्राड की राशि रिफण्ड करायी गयी।

श्री योगेश देशमुख श्रीमान् अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, राज्य सायबर पुलिस मुख्यालय भोपाल व्दारा सायबर फायनेंसियल फ्राड के रोकथाम पर प्रभावी कार्यवाही कर निराकरण के हाल ही मे निर्देश दिये गये। उक्त निर्देशो के पालन में की गई कार्यवाही में राज्य सायबर सेल इंदौर, पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र सिंह के व्दारा बताया गया कि दिनांक 12-10-2022 को शिकायतकर्ता विजय नगर क्षैत्र के प्रतिस्ठित हास्पिटल के डाक्टर दंपति, इंदौर निवासी व्दारा शिकायत की गई कि उनके मोबाईल नंबर पर बिजली बिल के कनेक्शन कटने का टेक्स्ट मैसेज प्राप्त हुएए मैसेज को सही समझकर डाक्टर द्वारा, मैसेज मे दिये गये फ्राडस्टर के नंबर पर संपर्क करने पर आरोपी द्वारा एक लिंक के माध्यम से रिमोंट शेयरिंग एप्लीकेशन क्वीकसर्पोट डाउनलोड कराया गया। इसके बाद एप्पलीकेशन डाउनलोड कराकर 10 रू. बिजली बिल के नाम पर पेमेट कराया गया। 10 रू. का पेमेंट करते ही फ्राडस्टर व्दारा खाते का एक्सेस प्राप्त कर लिया। दो अलग अलग बैक खातों से लगभग 2 लाख रू. का हुआ धोखाधडीपुर्वक टाजेक्शन का मैसेज प्राप्त हुआ। जिस पर डाक्टर दंपति द्वारा तुरंत सायबर सेल झोनल कार्यालय इंदौर में पहुचकर शिकातय दर्ज करवायी गयी। जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुये बैंक स्टेटमेंट का गहन अध्ययन करने पर पाया गया कि फाडस्टर द्वारा फ्राड की संपुर्ण राशि आनलाइन प्लेटफार्म फ्लीपकार्ट एवं रोजर पे के माध्यम से आगे ट्रांसफर की गयी है। दोनो आनलाइन प्लेटफार्म एवं संबंधित बैंक को त्वरित e-mail व दुरभाष से संपर्क कर अवैध ट्रांजेक्शन को रोकने संबंधी प्रक्रिया पूर्ण की गईए जिसके फलस्वरुप शिकायतकर्ता को फ्राड की संपूर्ण राशि वापस कराने में सफलता प्राप्त हुई। 

   उक्त कार्यवाही में निरीक्षक राशिद अहमद, उनि संजय चौधरी, प्रआर. 10 विजय बडोदकर, आर. 29 गजेंद्र सिंह राठौर, आर. 51 राकेश बामनिया की सराहनीय भूमिका रही।


Advisory – 
1.   फायनेंसियल फ्राड की जानकारी मिलते ही त्वरित रुप से शिकायत करें,
2. बिजली बिल कनेक्शन कटने, बिजली बिल से संबधित मैसेज प्राप्त होने पर बिजली विभाग से स्वंय आफिस जाकर संपर्क करें।  
3.   कभी किसी संदिग्ध KYC अपडेट, आधार, पैनकार्ड लिंक करने वाले मैसेज पर विश्वास ना करें,
4.   बैंक के संबंध में कोई भी मैसेज प्राप्त होने पर बैंक जाकर ही जानकारी प्राप्त करें,
5.   रिमोट एप जैसे टीम व्युवर, एनीडेस्क, क्विक सपोर्ट आदि किसी के कहने पर इंस्टाल ना करें,
6.   फोन काल पर अज्ञात व्यक्ति व्दारा दिये गए निर्देशों का पालन कतई नही करें,
7.   क्यूआर कोड स्केन करने पर बैंक खाते से रुपये निकलते है,
8.   अपनी कोई भी फायनेंसियल जानकारी अथवा व्यक्तिगत जानकारी सोशल मिडिया पर शेयर नही करें।

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